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PM मोदी ने हिमाचल के IAS तरुण कपूर पर फिर जताया भरोसा, PMO में तीसरी बार बने सलाहकार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रिटायर्ड IAS तरुण कपूर का कार्यकाल जून 2027 तक बढ़ाया

तरुण कपूर लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में एडवाइजर नियुक्त किए गए

सौर ऊर्जा क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के कारण उन्हें ‘सोलर मैन’ के नाम से भी जाना जाता है


हिमाचल प्रदेश के लिए गर्व की बात है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर प्रदेश के वरिष्ठ और सेवानिवृत्त IAS अधिकारी तरुण कपूर पर भरोसा जताया है। केंद्र सरकार ने तरुण कपूर को लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में सलाहकार (Advisor) नियुक्त किया है। केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) द्वारा जारी आदेशों के अनुसार अब उनका कार्यकाल 10 जून 2027 तक बढ़ा दिया गया है।

तरुण कपूर वर्ष 1987 बैच के हिमाचल कैडर के IAS अधिकारी रहे हैं। नवंबर 2022 में भारत सरकार के पेट्रोलियम मंत्रालय में सचिव पद से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्हें प्रधानमंत्री कार्यालय में सलाहकार के रूप में जिम्मेदारी दी गई थी। उनके कार्य और अनुभव को देखते हुए केंद्र सरकार ने लगातार तीसरी बार उन पर विश्वास जताया है।

तरुण कपूर को ऊर्जा क्षेत्र, विशेषकर सौर ऊर्जा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए जाना जाता है। हिमाचल प्रदेश में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। यही वजह है कि उन्हें “सोलर मैन” के नाम से भी पहचान मिली। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की अवधारणा और क्रियान्वयन में भी उनके योगदान को महत्वपूर्ण माना जाता है। यह योजना देशभर के घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने और बिजली बिल कम करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।

प्रशासनिक सेवा के दौरान तरुण कपूर अपनी कार्यकुशलता, सरल स्वभाव और जनसुलभ छवि के लिए जाने जाते रहे हैं। उन्होंने हमेशा सादगीपूर्ण प्रशासनिक कार्यशैली अपनाई और कभी भी विवादों में नहीं रहे। लंबे प्रशासनिक करियर में उन पर किसी प्रकार के भ्रष्टाचार के आरोप भी नहीं लगे।

हिमाचल प्रदेश में उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने से पहले वे अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) स्तर के अधिकारी थे और ऊर्जा, वन, पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी जैसे महत्वपूर्ण विभागों का कार्यभार संभाल रहे थे। इसके अलावा वे शिमला और चंबा के उपायुक्त (DC) के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

साल 2019 में केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर जाने के बाद उन्होंने दिल्ली जल बोर्ड में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। इसके बाद उन्हें पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय में सचिव बनाया गया, जहां उन्होंने ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े कई बड़े फैसलों में अहम भूमिका निभाई।

शिमला से संबंध रखने वाले तरुण कपूर की प्रारंभिक शिक्षा भी शिमला में ही हुई। प्रदेश और देश के प्रशासनिक ढांचे में उनके योगदान को देखते हुए उनकी यह पुनर्नियुक्ति हिमाचल प्रदेश के लिए भी सम्मान की बात मानी जा रही है।